बाद में पुलिस ने सभी सेलिब्रटी को छोड़ा, पार्टी में दिल्ली से आए थे 19 लोग
मुंबई एयरपोर्ट के पास एक होटल में चल रही थी पार्टी, ढाई बजे रात में पुलिस का छापा


(Goodmorning news desk)।
देश भर में बढ़ते कोरोना के मामलों व ब्रिटेन में वायरस के नए स्वरूप के खौफ को लेकर जहां महाराष्ट्र सरकार ने फिर से नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है, वहीं इससे बेखौफ मुंबई के तमाम सितारे रात में पार्टी करते मिले। मुंबई एयरपोर्ट के पास ड्रैगन फ्लाई क्लब में पुलिस ने सोमवार रात करीब ढाई बजे छापा मारकर 34 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें क्रिकेटर सुरेश रैना समेत 27 सेलिब्रिटीज और 7 स्टाफ के खिलाफ IPC की धारा-188, 269 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। क्लब में ऋतिक रोशन की एक्स वाइफ सुजैन खान और बॉलीवुड सिंगर गुरु रंधावा समेत कई सेलिब्रिटीज मौजूद थे। हालांकि सेलिब्रिटीज को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ भी दिया गया।


मशहूर रैपर बादशाह के भी शामिल होने की सूचना, पिछले गेट से भागे
बताया जा रहा है कि पार्टी में 19 लोग दिल्ली से आए थे। अन्य लोग पंजाब और दक्षिण मुंबई के रहने वाले थे। इनमें से ज्यादातर ने शराब पी रखी थी। महाराष्ट्र में अब भी लॉकडाउन के नियम जारी हैं। इसमें रात में 11 बजे के बाद किसी भी तरह की पार्टी या सार्वजनिक कार्यक्रम प्रतिबंधित है। पुलिस सूत्रों ने बताया एक बड़ा गायक छापे के दौरान पीछे के गेट से फरार हो गया। इसमें मशहूर रैपर बादशाह का नाम सामने आ रहा है।


रात के 11 बजे के बाद सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध का हुआ उल्लंघन, इसलिए छापा मारा
संयुक्त पुलिस कमिश्नर विश्वास नागरे पाटिल ने बताया कि सरकार ने कोरोना को देखते हुए एक निर्णय लिया था कि तय समय के बाद नाइट पार्टी, पब, बार और होटल्स को बंद रखा जाएगा। इसके बाद क्लब में पार्टी की जानकारी मिली और डीसीपी राजीव जैन के नेतृत्व में एक टीम को रेड के लिए यहां भेजा गया और 34 लोगों को पकड़ा गया। क्लब की ओर से फिलहाल कोई भी बयान सामने नहीं आया है। पब स्टाफ के 7, 27 सेलिब्रिटीज यानी कुल 34 पर केस दर्ज हुआ। मुंबई पुलिस को संदेह है कि कई और लोग भी भागने में कामयाब हुए। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लोगों को नोटिस भेजा जाएगा। IPC की धारा-188 के तहत एक महीने की जेल और 10 हजार का जुर्माना हो सकता है।


क्रिकेटर सुरेश रैना समेत कई पर लगी आईपीसी की धारा 188
लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाती है। 1897 के महामारी कानून (Epidemic Act) के सेक्शन 3 में इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर कोई प्रावधानों का उल्लंघन करता है, सरकार/ कानून के निर्देशों/नियमों को तोड़ता है, तो उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत दंडित किया जा सकता है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा दिए निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी आपके खिलाफ ये धारा लगाई जा सकती है। अगर आपको सरकार द्वारा जारी उन निर्देशों की जानकारी है, फिर भी आप उनका उल्लंघन कर रहे हैं, तो भी आपके ऊपर धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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