नवादा, सहारा इंडिया के अध्यक्ष सुब्रत राय के खिलाफ बिहार के नवादा जिले के उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

ये वारंट नवादा जिला उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने जारी किया है। इस केस में सुब्रत राय के साथ सहारा बैंक के सेक्टर मैनेजर, नवादा और रीजनल वर्कर, रीजनल कार्यालय बिहारशरीफ के विरुद्ध भी वारंट जारी किया गया है। आरोप है कि सहारा इंडिया बैंक ने जमाकर्ता को तय समय पर राशि वापस नहीं की है।

वकील रोहित सिन्हा के मुताबिक नवादा शहर के जवाहर नगर में रहने वाली पूनम सिन्हा ने वाद दायर कर कहा था कि उनके पति निर्मल कुमार सिन्हा ने सहारा इंडिया में 12.04 लाख रुपये जमा किए थे। यह राशि ब्याज के साथ एक जून 2019 को बैंक की ओर से उपभोक्ता को लौटानी थी। इसी दौरान पूनम सिन्हा के पति निर्मल कुमार सिन्हा निधन हो गया। इसपर पूनम ने पति की ओर से जमा राशि ब्याज के साथ पाने के लिए सहारा बैंक शाखा में अर्जी दी।

इसपर बैंक ने रकम लौटाने के बजाय सलाह दी की वह इस राशि को बैंक के दूसरे स्कीम में जमा कर दे। पूनम ने बैंक को बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्हें घर चलाने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। इसलिए वह रकम को इन्वेस्ट करने के बजाय बैंक से निकालकर परिवार की जरूरतें पूरा करना चाहती हैं।

इस पर बैंक के कर्मचारी का रुख बदल गया और वे नियम कायदे समझाकर रुपयों का भुगतान करने से मना करने लगे। परेशान होकर पूनम सिन्हा ने सहारा इंडिया के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया। इसी केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने बैंक को सूद समेत पैसे लौटाने को कहा। लेकिन तब भी बैंक ने पैसा नहीं वापस किया तो कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय के अलावा कंपनी के दो और अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।

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