Patna: बिहार के कटिहार में कोरोना संकट के बीच ईद के मौके पर सौहार्द का मिठास घोलने के लिए तैयार है, संजय की सेवई फैक्ट्री. दरअसल लगभग 20 वर्षों से ईद के मौके पर कटिहार के संजय चौरसिया अपनी फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर सेवई निर्माण करवाते हैं. जहां दूर-दूर से सेवई की खरीददार उनके यहां आते हैं. सीमांचल के अल्पसंख्यक बहुल इलाके होने के साथ साथ ही पड़ोसी राज्य बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल तक से लोग उनके आवास प्रेम नगर में सेवई लेने के लिए आते रहे हैं.

तो वहीं कोरोना संकट के कारण सेवई कारोबार को लेकर संजय कहते हैं- पूरे देश में लॉकडाउन के कारण दूरदराज से कस्टमर आ नहीं पाए हैं. इसीलिए व्यापार की रफ्तार कुछ धीमी जरूर है, लेकिन इससे वो मायूस नहीं हैं. क्योंकि अब सेवई उसके लिए महज मुनाफे के जरिया नहीं है. बल्कि सेवा भावना का एक प्रतीक बन गया है. बड़ी बात यह है संजय के सेवई फैक्ट्री में काम करने वाले सभी मजदूर भी हिंदू समुदाय से हैं, लेकिन सेवई निर्माण के समय हर तरीके से दूसरे धर्म के भावना का पूरा ख्याल रखते हुए साफ-सफाई की पूरा ध्यान रखा जाता है.

संजय कहते हैं कस्टमर उनके लिए भगवान हैं और लगातार अच्छे मूल्य के साथ अच्छी क्वालिटी की सेवई देने के कारण बाजार में उनकी एक अलग ही पहचान है. इस बार भी कोरोना काल त्रासदी को ध्यान में रखते हुए साफ सफाई सैनिटाइजेशन और सेवई कारीगरों के लिए मास्क की व्यवस्था के बीच सेवई निर्माण के दौरान भी सोशल डिस्टेंस पर खासा ध्यान रखा जा रहा है. इस फैक्ट्री में 70 से लेकर ₹120 तक थोक मूल्य में अलग-अलग वैरायटी का सेवई उपलब्ध है, जिसमें रूमाली, डालडा सेवई, घी सेवई की विशेष मांग है. लॉक डाउन के कारण पाबंदी रहने के बावजूद किसी किसी माध्यम से सेवाई लेने पहुंचे व्यापारी भी सेवई की क्वालिटी और संजय जी के व्यवहार से अति प्रसन्न है.

लाभा से आए दुकानदार हकीमुद्दीन ने कहा कि वह बरसों से इसी फैक्ट्री से सेवई लेते हैं. बड़ी बात यह है रोजेदारों की बात को ध्यान में रखते हुए संजय साफ-सफाई का हर वह तरीका अपनाते हैं, जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत ना हो. वहीं अररिया से पहुंचे रफीक भी कहते हैं सेवई के मामले में संजय चाचा तो अब ब्रैंड बन चुके हैं. बाजार में कई ब्रांडेड सेवई के बावजूद ईद के मौके पर संजय की सेवाइयां हर जुबां पर खास मिठास घोलती है.

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