सीनियर डॉक्टरों के भरोसे पीएमसीएच की इमरजेंसी
जेडीए ने कहा जब तक मांग नहीं मानी जाती,  विरोध जारी रहेगा

पटना. जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को पांचवें दिन भी जारी रही। रविवार के कारण ओपीडी तो बंद रहा, इमरजेंसी में भी मरीजों का दबाव कम रहा। लेकिन, जो मरीज पहले से भर्ती हैं उनको कोई विशेष राहत नहीं मिल पाई। इधर, अपने मांग के समर्थन में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध व्यक्त किया।

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से इमरजेंसी सीनियर डॉक्टरों के ही हवाले रही। टाटा वार्ड और सर्जिकल इमरजेंसी में मरीजों के पास डॉक्टरों की राउंड कम हो गई है। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। हथुआ वार्ड में भर्ती सुनील कुमार दो दिनों से डायलसिस के लिए भटक रहे हैं। उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। उनके परिजनों को बताया जा रहा है के डॉक्टर नहीं हैं, इस कारण से डायलसिस नहीं हो पा रहा है। ऐसे अन्य मरीजों को भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान होना पड़ रहा है।

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अब तक कोई वार्ता नहीं हुई है। सरकार की तरफ से मनमानी की जा रही है। आरोप है कि प्रधान सचिव भी आए लेकिन कोई वार्ता नहीं की। ऐसे में यह तय है कि सरकार या विभाग कोई वार्ता नहीं करना चाहता है। पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र का कहना है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। वार्ता भी नहीं की जा रही और जूनियर डॉक्टरों की समस्या का समाधान भी नहीं किया जा रहा है। इधर, पटना मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विद्यापति चौधरी और अधीक्षक डॉ. बिमल कारक ने कई विभागों के एचओडी  के साथ बैठक की है। मंथन किया गया है कि हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था को कैसे सही किया जाए। पीएमसीएच में 17 बाहरी डॉक्टरों को भी इसीलिए लगाया गया है जिससे मरीजों को समस्या नहीं हो, लेकिन इसके बाद भी दर्द कम नहीं हो रहा है।

जूनियर डॉक्टर बोले, हमें बदनाम करने की साजिश
डॉ. कुंदन सुमन का कहना है पीएमसीएच में साजिश भी चल रही है। जूनियर डॉक्टर किसी से अभद्रता या किसी की पिटाई नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि अधिकारियों के कहने पर ही गार्ड ऐसी हरकत कर रहे हैं। बस बदनाम करने का काम किया जा रहा है। सरकार अंहकारी रुख अख्तियार कर रही है। प्रधान सचिव आकर चले जाते हैं, लेकिन कोई बात नहीं हुई।

ब तक मांग नहीं मानी जाती, जारी रहेगा विरोध
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन बिहार के सचिव डॉ. कुंदन सुमन के नेतृत्व में रविवार को कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध किया। डॉक्टरों ने पटना मेडिकल कॉलेज में कैंडल मार्च निकाल कर अपना विरोध व्यक्त किया। उन्होंने  कहा कि  जब तक सरकार हमारी मांग पूरी नहीं करती है तब तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल से वापस नहीं लौटेंगे। डॉ. कुंदन का कहना है कि सरकार पक्षपात कर रही है जिससे समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

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