जमुई. कुख्यात अपराधी दीपक तांती गैंगवार मारा गया. दीपक जमुई का आतंक का पर्याय माना जाता था. गोली मारकर उसकी हत्या की गई है. सोमवार को उसका शव बांका जिले में स्थित सीजुआ जंगल से मिला है.

उसके परिवार के लोगों ने बताया कि वो दो दिन पहले अपने दो साथियों के साथ घर से निकला था. उसके बाद से ही उसके संबंध में कोई सूचना नहीं मिल रही थी. इससे परेशान उसके परिजनों ने उसकी तलाश शुरु कर दी थी. लेकिन, उसका फोन बंद रहने के कारण कुछ पता नहीं पा रहा था. इसी बीच पुलिस को दीपक तांती का शव सोमवार को सिजुआ के जंगलों से बरामद हुआ. पुलिस ने हुलिए के आधार पर दीपक तांती की पत्नी को मृतक का फोटो दिखाकर पहचान करवाई. उसकी पत्नी ने ही मृतक के दीपक तांती होने की पुष्टि की.

अब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजन के सुपुर्द कर दिया है. वहीं पुलिस अब दीपक के साथ लोगों की रंजिश का पता लगा रही है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है. बताते चलें कि 2005 से लेकर अब तक कुख्यात दीपक तांती के खिलाफ जमुई जिले के अलग-अलग थानों में 20 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हैं. इन सभी मामलों में तांती जमानत पर बाहर था. उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर लोरिक सेना का गठन किया.

ये गिरोह जमुई के लक्ष्मीपुर, झाझा और बांका जिले के बेलहर व कटोरिया इलाके में सक्रिय था. दीपक के खिलाफ अलग अलग थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी और फिरौती के करीब 20 मामले दर्ज हैं. तांती तीन साल पहले ही दस साल की सजा काटकर जेल से बाहर निकला था. दो दिन पहले वो अपने दो साथियों के साथ बाहर गया था और जल्द लौटने की बात कही थी.

चुनाव लड़ने की थी तैयारी
बताया जा रहा है कि दीपक पाती इस बार पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. यही कारण है कि बीते कुछ सालों से वह खुद की छवि साफ करने में लगा हुआ था और लंबे समय से उसके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज नहीं हुए थे.

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