नाना पाटेकर बोले- सुशांत मेरे बेटे जैसा था, बॉलीवुड में ग्रूपिस्म है इसलिए पार्टी या फंक्शन में नहीं जाते

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sdvsdbsd - नाना पाटेकर बोले- सुशांत मेरे बेटे जैसा था, बॉलीवुड में ग्रूपिस्म है इसलिए पार्टी या फंक्शन में नहीं जाते

PATNA : बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं रहें. सुशांत की आत्महत्या की गुत्थी मुंबई पुलिस सुलझाने में लगी हुई है. इधर दूसरी ओर बॉलीवुड इंडस्ट्री के अंदर छिपी हुई काली सच्चाई धीरे-धीरे बाहर आ रही है. अभिनेत्री कंगना रनौत, शेखर कपूर और सोनू निगम के बाद मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर ने इस विषय पर एक बड़ा बयान दिया है.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 47 वीं बटालियन के कैंपस में जवानों से रूबरू होने पहुंचे नाना पाटेकर ने कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड और सुशांत सिंह राजपूत को लेकर भी कई बड़ी बातें कही. नाना पाटेकर ने कहा कि ‘बॉलीवुड इंडस्ट्री में आउट साइडर (बाहरी) लोगों के करियर को लेकर नाना पाटेकर ने कहा कि नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है. खुद के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह का चेहरा और ऐसी भाषा के साथ तो मैं आउट साइडर ही था. लेकिन फिर भी मैंने जगह बनाया. मुझे गुस्सा आता है, मैं चिढ़ता भी हूँ. लेकिन फिर भी इसी ऐटिटूड के साथ उन्होंने मुझे स्वीकार किया.’

नाना पाटेकर ने आगे कहा कि ‘वहां ग्रूपिस्म है. लेकिन आपके पास हुनर है, तो आप जगह बना सकते हैं. कितना भी कोई ग्रूपिस्म कर ले अगर आप सही हैं, तो अच्छा कीजियेगा. नाना पाटेकर ने कहा कि मैं बॉलीवुड इंडस्ट्री में कभी अव्वल नहीं था. आज का माहौल तो और बदल गया है. मैं किसी फंक्शन या पार्टी में भी नहीं जाता हूँ. मुँह पर सही और गलत बोलने की मेरी आदत है.’

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर नाना पाटेकर बोले कि ‘सुशांत एक अद्भुत कलाकार थे. गजब का अभिनय करते थे. मुझे विश्वास नहीं होता कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहें. मुझे तो लगता है की मैंने अपने बेटे को खो दिया. ऐसा लगता है मैंने अपना बेटा गंवा दिया. ये बात गले से उतरती नहीं है. सुशांत जैसा बच्चा अभी और 30 साल तक काम कर सकता था. सुशांत जैसे बच्चे बहुत कम होते हैं.’

दरअसल नाना पाटेकर पटना स्थित सुशांत के आवास पर उनके पिता से मिलने के बाद आरा पहुंचे थे. जहां उन्होंने कोइलवर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 47 वीं बटालियन के कैंपस में आयोजित “एक शाम नाना पाटेकर के नाम” कार्यक्रम में भाग लिया. सीआरपीएफ की वर्दी पहने नाना पाटेकर का जोरदार स्वागत किया गया. मुख्य क्लब में पहुंचने पर उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान उनके बारे में जीवनी पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई.

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