पटना. तेजस्वी अब परिपक्व हो गए हैं. सरकार पर हमला के साथ साथ पार्टी पर लगे धाग को भी आंकड़ों की मदद से साफ करने में जूट गए हैं. गुरुवार को इसकी एक बानगी सदन में दिखी.

जब वे सदन में बजट पर बोल रहे थे. बजट के आकार पर सदन में उन्होंने एक आंकड़ा पेश किया. इसमें उन्होंने 15 साल की नीतीश और 15 साल के लालू राबड़ी सरकार की तुलनात्मक समीक्षा पेश कर नीतीश सरकार को आंकड़ों में उलझा दिया. हालांकि डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने उनके आंकड़ो को भ्रामक बताया, लेकिन वो आत्म विश्वास नहीं दिखा, जो तेजस्वी में दिख रहा था.


तेजस्वी सदन में गुरुवार को बजट पर बोल रहे थे. करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक उन्होंने इसपर बोला. सरकार पर हमला का कोई अवसर नहीं जाने दिया. इसी क्रम में उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार दावा करती है कि उसने बिहार में बजट के आकार को बड़ा कर दिया. यानि जब 2005 में नीतीश कुमार की जब प्रदेश में सरकार ने सत्ता संभाली तब बिहार का बजट 24 हजार करोड़ का था.

15 सालों के बाद यानि 2020-21 में यह बढ़कर 2 लाख 11 हजार करोड़ हो गया. यानि तब से अब बजट का आकार करीब आठ गुणा बढ़ गया. नीतीश सरकार के 15 सालों के बजट के आकार की तुलना अपने माता-पिता के 15 साल के शासन काल से करते हुए उन्होंने सदन में बताय कि 1990 में जब लालू प्रसाद जब सत्ता में आए थे तब बिहार का बजट 3 हजार करोड़ का था. राजद का शासन काल(1990-2005) खत्म होने तक 8 गुणा बढ़कर यह आकार 24 हजार करोड़ हो गया था. वे यहां ही नहीं रुके उन्होंने कहा कि 1990 से लेकर अब तक भारत सरकार के बजट आकार में भी 8 गुना ही वृद्धि हुई है.

उन्होंने यह साबित करने का प्रयास किया कि नीतीश कुमार जो बार बार बजट के आकार पर लालू-राबड़ी के शासन काल को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं वह तर्क संगत नहीं है. उन्होंने यह कहते हुए नीतीश सरकार को कठघरे में खड़ा करने का भी प्रयास किया कि वर्तमान सरकार के बजट आकार भले ही 2 लाख 11 करोड़ था, लेकिन सरकार बजट का सिर्फ 33 फीसदी ही खर्च कर पाई है यानि केवल 70 हजार करोड़ रुपये ही सरकार खर्च कर सकी है. जबकि 1 लाख 41 हजार करोड़ खर्च नहीं हुए.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान राज्य के आतरिक संसाधनों की हिस्सेदारी 20 फीसदी थी जबकि अब ये घटकर 18 प्रतिशत हो गई है. ऐसे में आंतरिक ससांधनों की आमदनी में 2 फीसदी की कमी आई है.

डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने तेजस्वी के आंकड़ो को भ्रामक बताया, लेकिन उनमें वो आत्म विश्वास नहीं दिखा, जो तेजस्वी में दिख रहा था. यही कारण था कि सदन में उन्होंने गुरुवार को टोका टोकी पर पशुपालन मंत्री को रिचार्ज कूपन कहा तो पथ परिवहन मंत्री नीतिन नवीन को सलाह देने से भी नहीं चुके.

सरकार पर तेजस्वी के वार के बाद राजद नेता भी उत्साहित हैं. पार्टी प्रवक्ता मृत्युजंय तिवारी कहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष ने सदन में सरकार को जो आईना दिखाया उससे राजद कार्यकर्ता उत्साहित हैं. प्रदेश की एनडीए सरकार ने जनता में जो भ्रम फैलाया था वो इससे दूर हो

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