WhatsApp Image 2019 07 24 at 23.09.33 - पटना हाईकोर्ट में ऐतिहासिक न्यायिक आदेशः 1 बनाम 11 क्यों?                                      अरुण कुमार पाण्डेय

पटना. हाईकोर्ट में गुरुवार का दिन भी ऐतिहासिक रहा। 1जज बनाम 11जज! इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप अवश्यंभावी है।
एक दिन पहले जस्टिस राकेश कुमार ने 20 पृष्ठों के ऐतिहासिक न्यायिक आदेश में न्यायिक प्रशासन में भ्रष्टाचार उजागर किया था। दूसरे ही दिन 11 जजों की फुल बेंच ने उस न्यायिक आदेश को निलंबित करने के साथ इसे गलत करार दिया और कहा कि इससे हाईकोर्ट की प्रतिष्ठा गिरी है। वहीं जस्टिस राकेश कुमार ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार को उजागर करना अपराध है तो मैंने अपराध किया है। मैंने जो किया है उसके लिए मुझे कोई भी पछतावा नहीं है । मुझे जो सही लगा मैंने वही किया है

कालेजियम सिस्टम पर सवाल

बिहार बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष बालेश्वर प्रसाद शर्मा ने कहा न्यायपालिका के कामकाज पर न्यायिक आदेश आत्मघाती है। इससे न्यायपालिका के प्रति लोगों की आस्था को गहरी चोट लगी है। अब समय आ गया है कि जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त करने की न्यायपालिका को ही पहल करनी चाहिए। हाईकोर्ट में 15 नये जजों की नियुक्ति के पैनल को लेकर विवाद विवाद है।

11 जजों की फुल बेंच बैठी
जस्टिस राकेश कुमार के कल आदेश को लेकर आज आनन फानन में चीफ जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही की अध्यक्षता में 11 जजों की फुल बेंच बैठी फुल बेंच ने जस्टिस राकेश कुमार के आदेश को निलंबित कर दिया है आज कोर्ट पहुंचते ही चीफ जस्टिस ने उनके पूरे फैसले की कॉपी मांगी। फैसले को देखने के बाद हाईकोर्ट की फुल बेंच में इस पर विचार करने का फैसला हुआ। हाई कोर्ट के 11 जजों की फुल बेंच बैठी और उसमें जस्टिस राकेश कुमार के फैसले पर व्यापक चर्चा हुई। उसके बाद उनके फैसले को रद्द करने का निर्णय लिया गयाण् फुल बेंच के मुताबिक जस्टिस राकेश कुमार का फैसला गलत है और इससे हाईकोर्ट की प्रतिष्ठा गिरी है।

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1जज अपने चैम्बर में बैठे रहे

हाईकोर्ट के सिनियिर जज जस्टिस राकेश कुमार पूरे दिन अपने चैम्बर में बैठे रहे। सुनवाई के लिए उनकी बेंच में कोई केस नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार को उजागर करना अपराध है तो मैंने अपराध किया है मैंने जो किया है उसके लिए मुझे कोई भी पछतावा नही है मुझे जो सही लगा मैंने वही किया है मैंने अपने आदेश में जिन पर आरोप लगाया है उसी में से कुछ जज मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठकर विशेष पीठ में सुनवाई कर रहे थे उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं आज भी अपने स्टैंड पर कायम हूँ और किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार से समझौता नही करूँगा अगर मुख्य न्यायाधीश को लगता है कि वे मुझे न्यायिक कार्य से अलग रख कर खुश है तो मुझे कोई आपत्ति नही है

 

अभूतपूर्व कदम
मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही की अध्यक्षता में 11 जजों की फुल पीठ में जस्टिस विकास जैन, जस्टिस चक्रधारी शरण सिंंह,जस्टिस प्रभात कुमार झा, जस्टिस अंजना मिश्रा, जस्टिस आशुतोष कुमार, जस्टिस बीरेंद्र कुमार,जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा जस्टिस डॉ अनिल कुमार उपाध्याय जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद तथा जस्टिस एस कुमार शामिल थे। सुबह साढ़े दस बजे मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में बुधवार को जस्टिस राकेश कुमार के दिए गए आदेश से उत्पन्न स्थिति पर विचार किया गया और सर्वसम्मति से उनके आदेश को फिलहाल निलंबित करने का आदेश पारित किया गया।

वरिष्ठ वकीलों ने रखी राय

महाधिवक्ता ललित किशोर अपर महाधिवक्ता पुष्कर नारायण शाही और अंजनी कुमार तीन अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चन्द्र वर्मा वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरी और भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस डी संजय ने भी अपनी बात पीठ के समक्ष रखी सभी ने जस्टिस राकेश कुमार के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कहा कि झइससे न्यायपालिका की गरिमा को आघात पहुंचा ।

 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा- हम हतप्रभ

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एपी शाही ने कहा कि जस्टिस राकेश कुमार के आदेश के बारे में समाचार पत्रों में छपी खबरों को देखकर हम हतप्रभ हैं उनके आदेश से न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और गरिमा आम लोगों की नजर में गिरी है उन्होंने कहा की जस्टिस राकेश कुमार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक निष्पादित मामले में आदेश पारित कर अनैतिक कार्य किया है उन्होंने कहा कि कानून ने जो अधिकार नहीं दिया है उसको खुद अधिकार मान कर स्वतः केस को अपने यहां सुनवाई करना और उसपर आदेश पारित करना कहीं से भी सही नहीं है ।

कोर्ट में मुर्दाबाद का नारा गूंजा

मुख्य न्यायाधीश के न्याय कक्ष में कुछ अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश मुर्दाबाद का नारा भी लगाया। मुख्य न्यायाधीश ने नारा लगाने वाले अधिवक्ताओं को सीसीटीवी कैमरा देखकर पहचान करने और उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात रजिस्टार जनरल से कही। लेकिन इस तरह का कोई भी लिखित आदेश उन्होंने अपने आदेश में नहीं कहा है । सुनवाई के समय मुख्य न्यायाधीश का कक्ष अधिवक्ताओं से भरा हुआ था।

कोई भी केस नहीं सुन पायेंगे

हाईकोर्ट के जज जस्टिस राकेश कुमार फिलहाल कोई भी केस नहीं सुन पायेंगे पटना हाईकोर्ट के सीजे एपी शाही ने बुधवार को को देरशाम ही जस्टिस राकेश कुमार की कोर्ट में विचाराधीन लंबित मामलों की उनके द्वारा सुनवाई पर रोक लगा दी है। पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस राकेश कुमार ने बुधवार को भ्रष्टाचार मामले के आरोपी पूर्व आईएस अधिकारी केपी रमैया और पटना सिविल कोर्ट में घूसखोरी संबंधित स्टिंग आपरेशन के मामले की स्वत: सुनवाई कर आर्डर दिया है। इसमें न्यायिक प्रशासन में भ्रष्टाचार उजागर करने के साथ न्यायिक सिस्टम में खामियां उजागर की है।सीजे जस्टिस शाही ने जज जस्टिस राकेश कुमार ने जिस मामले में आर्डर किया है, उसकी भी जांच का आदेश दिया है कि किसके आदेश पर सुनवाई की है।

 

 

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