Patna: 21 दिनों तक चलने वाले लॉकडाउन का आज छठा दिन है. रविवार को पांच केस सामने आने के बाद कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या 15 पहुंच गई है. दिल्ली-उत्तर प्रदेश से लौटे मजदूरों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, बिहार सरकार ने सभी को बॉर्डर पर ही रोकने का फैसला किया है. बॉर्डर पर कैंप बनाए गए हैं, जहां लोगों के रहने और खाने का इंतजाम किया गया है.

बिहार में कोरोना संदिग्धों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. अब तक कुल 2376 लोग सर्विलांस पर रखे गए हैं. सर्विलांस पर रखे गए 221 लोगों ने 14 दिन की अवधि पूरी कर ली है. जिलों में सर्वाधिक मामले सीवान के हैं, जहां 648 लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है.

62 1 640x320 - बिहार बॉर्डर पर दिल्ली-यूपी से लौटे लोगों को रोका जा रहा, अब तक 2376 कोरोना संदिग्ध निगरानी पर

आपको बता दें कि कल दिल्ली से लौटे लोगों को बिहार बॉर्डर पर ही रोकने का आदेश जारी किया गया था. रविवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों के प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद थे और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय मौजूद थे.

बैठक के बाद गृह विभाग अपर सचिव आमिर सुबहानी ने बतााय कि कई बसें बिहार पहुंच गई है. सभी को बॉर्डर पर रोक दिया गया है. लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है. किसी भी हाल में लोगों को अपने घर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उनके खाने-पीने से लेकर सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. 14 दिनों तक लोगों को बॉर्डर पर बने कैंप में ही रहना होगा.

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