प्रचण्ड से मुलाकात के दरमियान चीनी राजदूत व चीनी विदेश विभाग के उपसचिव।

सभी कार्यक्रम को रखा गया है गुप्त, नेपाल पुलिस की सुरक्षा को भी किया दरकिनार
नेपाल में चुपके-चुपके कौन सा गुल खिला रहा चीन?


राजेश कुमार शर्मा
जोगबनी (Goodmorning news)।
सामान्यतः किसी भी देश से किसी अन्य देश में हाई–प्रोफाइल अतिथि के पहुंचने की सूचना से पूर्व ही दूतावास की ओर से सुरक्षा समन्वय के लिए गृह मन्त्रालय को सूचना दी जाती है । गृह मंत्रालय के निर्देशन के पश्चात पुलिस प्रधान कार्यालय की ओर से सुरक्षा प्रबन्ध किया जाता रहा है, लेकिन चीन से नेपाल पहुंची कम्युनिष्ट पार्टी की टीम के साथ ऐसे किसी भी नियम का पालन नहीं हुआ, जो नेपाल में सीधे तौर पर चीनी हस्तक्षेप को दर्शाती है। अब सवाल है कि चुपके-चुपके कौन सा गुल खिलाने की फिराक में है चीन! जब नेपाल आगमन की सूचना जगजाहिर हो ही गयी तो छापेमारी शैली में मुलाकात क्यों कर रहे चीन के नेता?
सत्तारुढ़ नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) सृजित संकट के बीच नेपाल आए चीन के कम्युनिष्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उपमन्त्री गुओ येचौ के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने न तो नेपाल आने से पूर्व और न आने के बाद ही कोई जानकारी दी। यह घटना कूटनीतिक अध्याय में चौकाने वाली हरकत है।


चीनी अधिकारी की भेंट को चीनी दूतावास ने रखा है गुप्त
चीनी अधिकारी की भेंट को चीनी दूतावास ने गोपनीय तो रखा ही है लेकिन पुलिस ने अपना धर्म निभाते हुए अतिथि के सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। नेपाल पुलिस अनौपचारिक सूचना के आधार पर ही लगातार अतिथियों को सुरक्षा दे रही है, जबकि चीनी अधिकारी सुरक्षा कर्मियों के हाथ नहीं लग रहे हैं।


दूतावास में रहे चीनी सुरक्षा अधिकारी का ले रहे हैं साथ
नेपाल पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशन के अनुसार सुरक्षा में गए पुलिस अधिकारियों को चायनीज पक्ष की ओर से वापस लौटाने से पुलिस अधिकारी भी संसय में हैं। वहीं एक पुलिस अधिकारी की मानें तो दूतावास में रहे सहचरी सहित अन्य सुरक्षा कर्मी को साथ ले कर निकल रहे हैं।


मुलाकात की गोपनीयता भंग ना हो इसलिए नेपाल पुलिस का साथ नहीं ले रहे चीन के नेता
नेपाल पुलिस की टीम को सुरक्षार्थ न लेने के पीछे मकसद यह है कि गुओ येचौ के मुलाकात कार्यक्रम को गुप्त रखा जाए। नेपाल पुलिस सुरक्षा में तैनात होने के बाद कोई भी कार्यक्रम या मुलाकात को छुपाकर नहीं रखा जा सकता था। राजदूत यान्छी की दौड़ धूप तेज करने के समय में चीनी कम्युनिष्ट पार्टी के नेता गुओ येचौ सहित की 6 सदस्यीय टीम काठमांडू आ कर राजनीतिक डैमेज कंट्रोल के प्रक्रिया में लगी हुई है। नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के एकीकरण से पूर्व पार्टी फूटने के बाद चीन के इस मेहमान के आगमन से राजनीतितिक बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व प्रचण्ड से मुलाकात
कम्युनिस्ट पार्टी के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के उप मंत्री के नेतृत्व में रविवार को नेपाल पहुंची टीम उच्च-स्तरीय बैठक में व्यस्त है। रविवार को काठमांडू पहुंचने के बाद ही टीम ने दूतावास में एक संक्षिप्त बैठक की। इसके बाद राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी व प्रधानमंत्री ओली से मुलाकात की है । वहीं सोमवार को सीपीएन (प्रचंड-माधव गुट) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ से मिलने के लिए चीनी प्रतिनिधिमंडल खुमलटार पहुंचा, जहाँ प्रचण्ड से भेटवार्ता की । प्रचंड से मिलने के बाद, चीनी टीम ने अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल से भी मुलाकात की है। वही सूत्रों का दावा है कि चीनी अधिकारी के द्वारा मधेसी दल जनता समाजवादी पार्टी के संघीय परिषद के अध्यक्ष बाबू राम भट्टराई से मुलाकात का कार्यक्रम है। निश्चित ही यह मुलाकात ओली के सदन में बहुमत दिलाने के लिए हो सकता है, जिसके संकेत मधेशी दल में दिखने लगे हैं। पार्टी से जुड़े एक नेता की मानें तो मधेस वादी दल जसपा में आंतरिक खटपट की शुरुआत हो चुकी है। फिलहाल चीनी दल की यह छापेमारी नेपाल की राजनीति में क्या गुल खिलाती है, यह तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा।


कौन हैं उपमन्त्री गुओ येचौ
1966 में हुआन जियागसु प्रान्त में जन्मे येचौ मानविकी विषय में स्नातक किये हुए हैं। इन्होंने बेइजिंग स्थित विदेश मामले सम्बन्धी अध्ययन करने वाले विश्वविद्यालय में 1983 में दाखिला लिया था1987 से चीन कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश विभाग में कार्य कर रहे हैं। वहीं पर 1993 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश विभाग में डिप्टी डिविजन डायरेक्टर, डिविजन डायरेक्टर व महानिदेशक के पद को संभालने के बाद वर्ष 2014 से चीनी कम्युनिस्ष्ट पार्टी के विदेश विभाग के उपमन्त्री (उपसचिव) हैं ।


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