रोड कंस्ट्रक्शन में लगी कंपनियां भी अवैध रूप से उत्तर प्रदेश से कर रहीं डीजल की ढुलाई
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम व एसपी से मिला, रोक लगाने की मांग

भभुआ (Goodmorning news desk) । उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के कैमूर जिले में डीजल तस्करी को गोरखधंधे से राज्य सरकार को लाखों रुपए राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। दरअसल कैमूर जिला उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से मिला हुआ है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर कम दाम में डीजल क्रय कर चोरी छुपे लाकर बिहार में बेचने का काम करते हैं । जानकारी के मुताबिक डीजल तस्करी के लिए आधा दर्जन से ऊपर रास्तों का यह तस्कर इस्तेमाल करते हैं, जिनमें धरौली पथ, महादाइच पथ, अधौरा-खलियारी मार्ग, जीटी रोड, रामगढ़-बड़ौदा पथ, दुर्गावती-ककरैथ घाट आदि रास्ते सम्मिलित है ।
इस मामले की गंभीरता को इस बात से समझा जा सकता है कि पिछले दिनों जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी व आरक्षी अधीक्षक कैमूर से मिला। संगठन की ओर से दिए गए आवेदन पत्र में सीमावर्ती उत्तरप्रदेश से डीजल की हो रही तस्करी की तरफ इंगित किया गया है। उनका कहना है कि इस गोरखधंधे से जहां पेट्रोल पंप मालिकों को आर्थिक हानि हो रही है वहीं बिहार सरकार को भी राजस्व की क्षति हो रही है।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कई विन्दुओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। उत्तरप्रदेश से डीजल की तस्करी के चलते बिहार सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का घाटा होता है। इसके साथ ही रोड कंस्ट्रक्शन में लगी कंपनियां भी अवैध रूप से डीजल की ढुलाई कर राजस्व को क्षति पहुंचा रही हैं। तेल की तस्करी लगातार होने के चलते पेट्रोल पंप मालिकों की माली हालत खराब हो चुकी है।

जिले में अब तक तीन पेट्रोल पंप हो चुके हैं बंद

पेट्रोल पंप मालिकों की बेचैनी इस बात से समझी जा सकती है कि अब तक जिले के तीन पेट्रोल पंप मालिकों ने अपना पंप बंद कर दिया है। अपने दिए आवेदन में बताया है कि इसे समय रहते रोका नहीं गया तो भविष्य में अन्य पेट्रोल पंप भी बंद होने की संभावना है।

सुरक्षा मानकों की भी होती है अनदेखी, बगैर मान्यता प्राप्त टैंकरों से सकता है खतरा

नियम का हवाला देते हुए बताया है कि भारत सरकार के पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो ) के अनुसार डीजल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण के लिए पेसो द्वारा अनुज्ञप्ति प्राप्त वाहन ही उपयोग में लाये जा सकते है, जबकि यहाँ डीजल की ढुलाई अवैध ढंग से व पेसो के बिना अनुज्ञप्ति धारी वाहन से की जा रही है, जिससे रोड में कोई बड़ा हादसा हो सकता है ।
प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के पूर्व प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ पीयूष शुक्ल के अलावा एशोसिएशन के जिला संगठन प्रभारी श्री चन्द्र प्रकाश आर्य, कोषाध्यक्ष श्री हरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद सिंह, श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री कामेश्वर सिंह, राजीव सिंह , मुकुंद प्रसा , लक्ष्मण तिवारी, अरविंद कुमार, संजय सिंह सहित दर्जनों पेट्रोल पंप मालिक मौजूद थे ।

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