लॉकडाउन ने बिहार की ‘मिठाई नगरी’ के कारोबार को कर दिया चौपट

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52 3 - लॉकडाउन ने बिहार की 'मिठाई नगरी' के कारोबार को कर दिया चौपट

Patna: बिहार का ये छोटा सा कस्बा पड़ोसी राज्यों में भी रसगुल्ला के लिए मशहूर है. यहां के रसगुल्ले की मांग व्यापक रही है. बड़े-बड़े आयोजनों मे लोग यहां से ऑर्डर पर रसगुल्ला ले जाते हैं. यहां के कारीगरों द्वारा बनाया गया राजभोग, एटम बम, काला जामुन, क्रीम चॉप, स्पंज की डिमांड काफी रहती है. हम बात कर रहे है बिहार के बड़हिया शहर की. जिसका का नाम आते ही मन में मिठाई वह भी रसगुल्ला (Rasgulla) की तस्वीर उभर पड़ती है. लेकिन देशभर में लागू लॉकडाउन ने फिलहाल रसगुल्लों की फैक्ट्री पर ताला लटकवा दिया है. नौबत यहां तक पहुंच गई है कि कई मिठाई दुकानदार इन दिनों सब्जी बेचने को मजबूर हो गए हैं.

तो वहीं बड़हिया मे छोटे-बड़े मिलाकर मिठाई की लगभग सौ दुकानें है जहां रसगुल्ला बनाया जाता है. इससे करीब एक हजार मजदूरों की रोजी-रोटी चलती है लेकिन कोरोना के कहर के बीच लागू लॉकडाउन रसगुल्ला व्यवसाय को इतिहास बनाए जा रहा है. सभी मिठाई दुकानें बंद है वहीं पशुपालक भी काफी परेशान हैं. दुकान बंद रहने से दूध की खपत कम गई है. हालात यह है कि मिठाई दुकानदार मिठाई के बदले सब्जी बेच रहे हैं.

स्थानीय अनंत कुमार बताते हैं कि रसगुल्ला के लिए बड़हिया दशकों से मशहूर है. यहां रोजाना 20 से 25 क्विंटल रसगुल्ला की बिक्री होती है. शादी-विवाह के दिनों में तो बिक्री का आंकड़ा 100 से 200 क्विंटल रोजाना तक पहुंच जाता है. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते सभी दुकानें बंद है, जिससे दुकानदारों को काफी परेशानी है. स्थानीय लोग हर दिन बाजार आकर रसगुल्ला खाते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण सभी दुकानें बंद हैं और लोग रसगु्ल्ला से वंचित हैं. खासकर एनएच 80 से पटना-भागलपुर गुजरने वाले लोग तो अवश्य ही हाड़ी में बड़हिया का रसगुल्ला ले जाया करते थे.

यहां का रसगुल्ला जितना मशहूर स्वाद के लिए है, वहीं इसकी कीमत भी अन्य शहरों की अपेक्षा कम है. बिहार के इस बाजार में रसगुल्ला 200-250 रुपए प्रति किलो है. दुकानदार अजय कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. इसलिए हम सब्जी बेचने को मजबूर हैं. लॉकडाउन के चलते दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ है. अभी लग्न का समय था, जिसमें बड़हिया के रसगुल्ला की डिमांड अन्य जिलों के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों से भी आती थी और हमें खूब ऑर्डर मिलता था. ग्राहक लग्न की तिथि से पहले ही आकर ऑर्डर दे जाते थे, लेकिन कोरोना के कहर ने पूरे व्यवसाय को चौपट कर दिया है.

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