जल जीवन हरियाली मिशन के तहत होगा काम
विभाग ने तय की काम पूरा करने की डेडलाइन

मार्च के बाद होने वाले हैं पंचायत चुनाव, ग्रामीणों को प्रभावित करने के लिए मुखिया के पास बेहतर मौका

बजरंगी कुमार सुमन की रिपोर्ट
सासाराम (Good morning news)| बिहार में अब ग्राम पंचायत क्षेत्र के बस्ती से लेकर खेत खलिहान तक के सार्वजनिक कुओं का उद्धार करने की जिम्मेवारी पंचायत के मुखिया की होगी। इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र प्रेषित करते हुए बिहार सरकार पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने 22 दिसंबर को फरमान जारी किया है।

15वें वित्त की राशि का होगा उपयोग
पंचायत क्षेत्र के सभी सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार पुनरुद्धार एवं मरम्मत कार्य के लिए पंचायत के मुखिया के 15 वें वित्त आयोग के टाइड अनुदान राशि का उपयोग करेंगे। 22 दिसंबर को जारी पत्र संख्या 8091 में पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने चार कंडिका में राशि खर्च करने की गाइडलाइन भी जारी की है।

10 जनवरी तक तैयार होगी सूची
सार्वजनिक कुआं को मुखिया द्वारा मरम्मति कराए जाने को लेकर जारी गाइडलाइन में 15 वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग करने संबंधी निर्देश भी जारी किए गए हैं। पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने यह फरमान जारी किया है कि ग्राम पंचायत द्वारा 10 जनवरी 2021 तक कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित करना होगा। इसमें जर्जर कुओं की सूची तैयार कर बैठक में अनुमोदित कराते हुए अनुमोदित सूची को संबंधित तकनीकी सहायक को उपलब्ध करा देना है। तकनीकी सहायक की यह जिम्मेवारी होगी कि 31 जनवरी 2021 तक सभी योजनाओं का इस्टीमेट तैयार करते हुए कार्यान्वयन के लिए पंचायत को लौटा दें।

विभागीय गाइडलाइन के अनुसार बनेगा स्टीमेट
पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने 22 दिसंबर को जारी पत्रांक 8091 में सार्वजनिक कुआं के जीर्णोद्धार के आलोक में मुखिया को स्पष्ट निर्देशित किया है कि 7 सितंबर 2020 को पंचायती राज विभाग की ओर से जारी पत्रांक संख्या 5171 में सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार से संबंधित मानक इस्टीमेट भेजा जा चुका है। उसकी एक कॉपी पंचायती राज विभाग के विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
तकनीकी सहायक मानक स्टीमेट के अनुसार ही योजनाओं के अलग-अलग स्टीमेट तैयार करेंगे । स्टीमेट तैयार करते समय विभाग द्वारा जारी पत्रांक 5171 के दिशा निर्देश का हर हाल में पालन किया जाएगा। यह स्टीमेट स्थल की आवश्यकतानुसार तैयार किए जाएंगे। गाइड लाइन में इसकी पूरी जिम्मेवारी तकनीकी सहायक की निजी तौर पर आधारित की गई है।

ग्राम पंचायत द्वारा मिलेगी प्रशासनिक स्वीकृति
पंचायती राज विभाग के द्वारा 19 जुलाई 2019 को जारी संकल्प संख्या 4599 द्वारा 20 लाख रुपए तक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति ग्राम पंचायत को प्रदान की गई है । जिसके अनुसार सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति ग्राम पंचायतों द्वारा प्रदान की जाएगी । सभी ग्राम पंचायतें अपने अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति 15 जनवरी 2021 तक निश्चित रूप से जारी करेंगे। ऐसा निर्देश पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने 22 दिसंबर को जारी पत्र में दिया है।

जनवरी में शुरू होगी योजना, मार्च तक होगी पुुरी
ग्राम पंचायतों का चुनाव इसी साल होने वाला है, ऐसे में वर्तमान मुखिया के लिए किसानों और ग्रामीणों को अपने कार्यकलाप से प्रभावित करने का यह अभियान सुनहरा मौका साबित होगा । जारी पत्र में पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने योजना की शुरुआत जनवरी माह में करते हुए मार्च माह तक सभी कुआं की मरम्मति का कार्य पूरा कर लेने का निर्देश दिया है । साथ ही ग्राम पंचायत के मुखिया द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान सप्ताहिक तौर पर निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया है । इसके अलावा जारी निर्देश में यह फरमान है कि तैयार स्टीमेट के अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं इसकी जिम्मेवारी तकनीकी सहायक को सुनिश्चित करनी होगी।

अभिलेख होगा तैयार
सभी सार्वजनिक कुआं का सरकारी अभिलेख तैयार किया जाएगा। जिसका संधारण पंचायत सचिव करेंगे पंचायत के कार्यपालक सहायक पंचायत सचिवों की मदद करेंगे। सार्वजनिक कुआं के मरम्मति की ऑनलाइन रिपोर्टिंग होगी, जिसमें पंचायत स्तर पर कार्यपालक सहायक डाटा तैयार करेंगे और तैयार डाटा की ऑनलाइन रिपोर्टिंग होगी। प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को सार्वजनिक कुआं के जीर्णोद्धार का कार्य की प्रगति की समीक्षा मुखिया द्वारा की जाएगी । सभी प्रखंड के पंचायती राज पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायती राज पदाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।

जल जीवन हरियाली का हिस्सा होगी यह योजना
पंचायत स्तर पर सरकारी कुआं के जीर्णोद्धार कार्य का यह अभियान सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल जीवन हरियाली योजना का हीं एक हिस्सा है। पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट तौर पर या निर्देशित किया गया है कि जल जीवन हरियाली योजना की समीक्षा जिला स्तर पर करने के दौरान जिला पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त सार्वजनिक कुआं के जीर्णोद्धार अभियान की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी करेंगे।

सभी कुआं की होगी जियो टैगिंग
सभी सार्वजनिक कुआं के जीर्णोद्धार कार्य की जियो टैगिंग भी की जाएगी। कार्य स्थल पर कार्य शुरू करने के पूर्व कार्य के दौरान एवं कार्य समाप्ति के बाद जीपीएस को-ऑर्डिनेट के साथ फोटो संलग्न करने हार्ड कॉपी पर काउंटर हस्ताक्षर करते हुए हार्ड कॉपी संलग्न करने का फरमान भी पंचायती राज विभाग के निदेशक ने जारी निर्देश में सुनाया है।

योजना किसान के लिए फायदेमंद
पंचायत स्तर पर सभी सार्वजनिक कुओं के मरम्मत करने का यह अभियान पूरी तरह से किसान हित में साबित होगा। जल संरक्षण के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था और पहाड़ी इलाकों में जानवरों पशु पक्षियों सहित मानव जीवन के लिए यह योजना पूरी तरह से लाभकारी साबित होगी बहर हाल सार्वजनिक कुआं के जीर्णोद्धार अभियान पंचायत स्तर पर मुखिया के लिए लूट का स्रोत साबित होती है या वास्तव में किसान हित में इस योजना का परिणाम दिखेगा यह तो आने वाला समय हीं निर्धारित करेगा।

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