पटना : इस बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव काफी बड़े नेता बन गए। उनकी लोकप्रियता बढ़ी और राजनीति में कद। चुनाव में हार के बाद भी महागठबंधन ने उनका अपना नेता माने रखा। बता दें तेजस्वी को भले अपने पिता लालू प्रसाद के जेल में जाने के बाद राजद की कमान मिली, लेकिन वो पुराने नेतृत्वकर्ता हैं। वो जब क्रिकेट खेलते थे, तब विराट कोहली के कप्तान रह चुके हैं। तेजस्वी दिल्ली के अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 खेल चुके हैं। अंडर-15 में तेजस्वी ने कप्तानी की थी और टीम जीती भी थी, उस विराट कोहली भी उस टीम में थे। तेजस्वी आईपीएल में भी चुने गए थे। दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 40 लाख रुपए में खरीदा था।

2010 में दिल्ली छोड़कर आए थे पटना, 2015 में की वापसी
2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान वह घर आ गए थे। यहां चुनाव के दौरान रहे, लेकिन जब राजद का खराब प्रदर्शन रहा तो फिर दिल्ली वापस लौट गए। इसके बाद 2015 में विधानसभा चुनाव के दौरान वापस लौटे। इस बार राघोपुर से चुनाव लड़े और जीते। फिर जदयू, राजद, कांग्रेस समर्पित सरकार में 16 महीने तक उपमुख्यमंत्री पद पर भी रहे।

विवादों से भी रहा है नाता
तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव पर न्यू ईयर पार्टी के दौरान छेड़खानी करने का मामला आया था। हालांकि इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने दो साल पहले सार्वजनिक की थी। इसके अलावा तेजस्वी पर आईआरसीटीसी के दो होटलों को ठेका एक निजी कंपनी को देने का आरोप था। इस केस में तेजस्वी को 2018 के अगस्त में बेल मिला था।

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